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घातक कालसर्प योग के असर, उपाय और निवारण

काल सर्प दोष क्या होता है

घातक कालसर्प योग : हिन्दू मान्यताओं के आधार पर यह माना जाता है कि किसी भी व्यक्ति को अपने पिछले जन्मों में किये सद्कर्मों या दुष्कर्मों का फल इस जन्म में भुगतना होता है | यदि किसी व्यक्ति ने पिछले जन्म में घोर अपराध किये हो तो उसको इस जन्म में बहुत सारे कष्टों का सामना करना पड़ेगा | मान्यताओं के अनुसार ऐसे ही जातक काल सर्प योग में जन्म लेते है | इन जातको को शारीरिक, मानसिक, आर्थिक व वैवाहिक कष्ट जीवन के हर मोड़ पर परेशान करते है | काल सर्प दोष में राहु और केतु के बीच सारे ग्रह होते है |

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कुंडली में कैसे दिखता है काल सर्प दोष ?

कभी कभी ऐसा संयोग बनता है कि जातक के जन्म स्थान, जन्म समय व जन्म तिथि पर ग्रहों की ऐसे स्थिति होती है कि सूर्य मंडल के सारे ग्रह एक सीध में होते है | ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ब्रह्माण्ड के अनुसार राहु व केतु एक सर्प के प्रतिविम्ब माने जाते है | यदि जातक के जन्म के समय सारे ग्रह राहु व केतु के बीच में होते है तो काल सर्प दोष परिलक्षित होता है | जातक के जीवन पर इस दोष का प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन से घर में कौन सा ग्रह विराजमान है व कौन सा ग्रह प्रबल है और वह घर किससे सम्बंधित है | हर घर की ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अपनी अपनी भूमिका होती है और ग्रह इन घरों के भूमिकाओं पर अच्छे या बुरे प्रभाव डालते है | आइये अब जानते है कि घातक काल सर्प दोष में ग्रह की दशा व दिशा किस प्रकार से होती है |

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घातक कालसर्प योग

जब जातक की कुंडली में राहु दशम घर में और केतु चौथे स्थान में उपस्थित हो एवं बाकी सारे ग्रह इनके बीच में ही हो तो इस प्रकार का कालसर्प योग होता है।

घातक कालसर्प योग के असर

आइये घातक काल सर्प दोष से होने वाले कुछ प्रमुख दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी हासिल करते है |

  • इस योग में जातक को कई कानूनी अड़चने आती है | इनको कोर्ट कचहरी के कई चक्कर काटने पड़ सकते है और ये कानूनी अड़चने जातक के जीवन में समय बर्बाद करती है | इन्हे रोजगार में समस्याएं आती है |
  • इन जातकों के लिए आजीविका जुटाने में कई अड़चने आती हैं |
  • जातक की नौकरी या व्यवसाय में स्थायित्व की कमी रहती है |
  • इन जातकों के अपनी माता के साथ काम उम्र में ही सम्बन्ध ख़राब होने की सम्भावना रहती है | कई बार ऐसे जातकों की माता का देहांत उनके जन्म समय या उनकी बाल्यावस्था में हो जाता है जिससे कि ऐसे जातक मातृ प्रेम से वंचित रह सकते है |
  • ये जातक अनिद्रा से पीड़ित रहते है और इससे इनके स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ सकता है |

घातक कालसर्प योग के उपाय

जातक घातक काल सर्प दोष के दुष्प्रभावों से बचने के लिए निम्न उपाय कर सकते है |

  • जातक को नियमित रूप से भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए, और यथासंभव ॐ नमः शिवाय का जाप करना चाहिए |
  • राहु मन्त्र का जप करना चाहिए |
  • अमावस्या का व्रत रखें |

घातक कालसर्प योग के जातक क्या न करें

अब जानते है घातक काल सर्प दोष के जातकों को किन चीजों से परहेज करना चाहिए |

  • जातक को किसी भी परिस्थिति में अपना धीरज नहीं खोना चाहिए |
  • जातक अपने मन में नौकरी या व्यवसाय के लिए अस्थिरता न रखे |

घातक कालसर्प योग का निवारण

घातक काल सर्प दोष के उपायों में एक ऐसा भी उपाय है जो इस दोष का जड़ से ख़त्म कर सकता है और जातक के जीवन में हर्षोउल्लास ला सकता है | यह उपाय है काल सर्प पूजा | इस पूजा के बारे में हमने अपनी वेबसाइट पर ढेरों लेख लिखे है और आप उनसे जानकारी ले सकते है | यह पूजा मुख्यतः महाराष्ट्र राज्य के नासिक शहर के समीप स्थित त्र्यंबक नामक कस्बे में त्र्यंबकेश्वर मंदिर में की जाती है | आप इसके लिए इस पूजा के पंडित श्री रविशंकर जी को अपनी कुंडली भेजकर अपनी कुंडली के अनुसार पूजा के बारे में जानकारी निशुल्क पा सकते है | इस महान ज्योतिर्लिंग में पूजा करने पश्चात कई जातक अपने जीवन से काल सर्प दोष का निवारण कर चुके है और आज भी पंडित जी का शुक्रिया करना नहीं भूलते है | यदि आप भी ऐसे ही परिणाम चाहते है तो अभी पंडित जी से संपर्क करें |

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Ravi Shankar Guruji

वेद शास्त्र संपन्न आचार्य श्री रवि शंकर गुरुजी इनका परिवार 120 साल से त्रिम्बकेश्वर मे काल सर्प दोष निवारण केंद्र, त्रिम्बकेश्वर मंदिर के पीछे रहेते है| गुरुजी को २५ साल का अनुभव है| गुरुजी काल सर्प पूजा मे विशारद है, उन्होने २२००० से ज़्यादा काल सर्प की पूजाए की है और सभी यजमानोको १००% संतुष्टि दी है| सभी यजमान जो काल सर्प पूजा करके जाते है उन्हे तुरंत कुछ दीनो मे अच्छे रिज़ल्ट मिलने शुरू हो जाते है|
पूरे भारत मे सिर्फ़ त्रिम्बकेश्वर मे ही काल सर्प पूजा की जाती है क्योंकि त्रिम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग की असाधारण विशेषता है, जिसमें भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान रुद्र का प्रतीक है।

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